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'वीरों का कैसा हो वसंत' ~ सुभद्राकुमारी चौहान प्रसिद्ध रचना

Veeron Ka Ho Kaisa Basant – a Poem by Subhadra Kumari Chauhan आ रही हिमालय से पुकार है उदधि गरजता बार बार प्राची पश्चिम भू नभ अप...
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ठुकरा दो या प्यार करो ~ सुभद्राकुमारी चौहान प्रसिद्ध रचना

'Thukra Do Ya Pyar Karo' – a Poem by Subhadra Kumari Chauhan देव! तुम्हारे कई उपासक कई ढंग से आते हैं  सेवा में बहुमू...
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'कवि का हृदय' ~ रवींद्रनाथ टैगोर की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ | 'Kavi ka Hriday' Rabindranath Tagore Story

चांदनी रात में भगवान विष्णु बैठे मन-ही-मन गुनगुना रहे थे- मैं विचार किया करता था कि मनुष्य सृष्टि का सबसे सुन्दर निर्माण है, किन्तु ...
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अनमोल भेंट ~ रवींद्रनाथ टैगोर की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ | Anmol Bhent Rabindranath Tagore Stories

रायचरण बारह वर्ष की आयु से अपने मालिक का बच्चा खिलाने पर नौकर हुआ था। उसके पश्चात् काफी समय बीत गया। नन्हा बच्चा रायचरण की गोद से नि...
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जीवन की ढलने लगी साँझ - अटल बिहारी वाजपेयी

जीवन की ढलने लगी सांझ उमर घट गई डगर कट गई जीवन की ढलने लगी सांझ।
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स्वतन्त्र भारत का मस्तक नहीं झुकेगा - अटल बिहारी वाजपेयी

एक नहीं दो नहीं करो बीसों समझौते, पर स्वतन्त्र भारत का मस्तक नहीं झुकेगा । अगणित बलिदानो से अर्जित यह स्वतन्त्रता, अश्रु स्व...
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दूध में दरार पड़ गई - अटल बिहारी वाजपेयी

ख़ून क्यों सफ़ेद हो गया? भेद में अभेद खो गया। बँट गये शहीद, गीत कट गए, कलेजे में कटार दड़ गई। दूध में दरार पड़ गई।
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हरी हरी दूब पर - अटल बिहारी वाजपेयी

हरी हरी दूब पर  ओस की बूंदे   अभी थी,   अभी नहीं हैं|   ऐसी खुशियाँ   जो हमेशा हमारा साथ दें   कभी नहीं थी,   कहीं न...
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क़दम मिला कर चलना होगा - अटल बिहारी वाजपेयी

बाधाएँ आती हैं आएँ घिरें प्रलय की घोर घटाएँ, पावों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ, निज हाथों में हँसते-हँसते, ...
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कौरव कौन, कौन पांडव - अटल बिहारी वाजपेयी

कौरव कौन कौन पांडव, टेढ़ा सवाल है| दोनों ओर शकुनि का फैला कूटजाल है|
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भारत जमीन का टुकड़ा नहीं ~ अटल बिहारी वाजपेयी

Bharat zameen ka tukda nahi Poem भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जागता राष्ट्रपुरुष है। हिमालय मस्तक है, कश्मीर किरीट है,...
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मधुशाला - हरिवंशराय बच्चन [Madhushala]

madhushala by harivansh rai bachchan मृदु भावों के अंगूरों की आज बना लाया हाला, प्रियतम, अपने ही हाथों से आज पिलाऊँगा प्याला, पह...
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